About Zindgi
एक मुस्कराहट जिनकी इतनी थी हसीं,
जिस पर जहा भर की इनायत कम थी,
मुस्कुराते थे जब भी वो कभी,
तब कही हम भी मुस्कुरा पाते थे।
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